13 एकोलाने परमेस्वर का पुरा अऊजार बाँध लेव कि तुम बुरा दिन म मुकाबला कर सके, अर सब कुछ पुरो कर ख खड़ा रैय सके। रोम को सैनिक
14 एकोलाने सत्य से अपनी कम्मर कस ख, अर धार्मिकता की झिलम पहिन ख, 15 अर पाय हुन म मेल को सुसमाचार की तैयारी का मोचड़ा पहिन ख; 16 अऊर इन सब को संग भरोसा कि ढाल ले ख खड़ा रहनू जसो तुम उ दुस्ट का सब जलन वाला तीर हुन ख बुझा सके। 17 अर उध्दार को टोपा, अर आत्मा कि तलवार, जो परमेस्वर को वचन हैं, ले लेव। 18 एक बखत अर हर तरीका से आत्मा म प्रार्थना, अर बिनती करते रहनू, अर एकोलाने जगते रहनू कि सब सुध्द झन को लाने लगातार बिनती करते रहनू,