मसी कि नम्रता अर महानता
1 पर अदि मसी म कई सान्ति, अर प्रेम से हियाव, अर आत्मा कि संग म हता, अर कई दया अर भलाई हैं, 2 ते मोरो यू खुसी पूरा कर कि एक मन रह, अर एक ही प्रेम, एक ही चित, अर एक ही इच्छा रख।
1 पर अदि मसी म कई सान्ति, अर प्रेम से हियाव, अर आत्मा कि संग म हता, अर कई दया अर भलाई हैं, 2 ते मोरो यू खुसी पूरा कर कि एक मन रह, अर एक ही प्रेम, एक ही चित, अर एक ही इच्छा रख।