3 हे प्यारो दोस्त, जब मी तो ख उ उध्दार को बारे म लिखन म अत्यन्त परिसरम सो प्रयत्न कर रहे थो जे म हम न हम सब सहभागी हैं, मी ओको बारे म बडी खुसी को संग तुम इंसान हुन ख लिखन की सोचू हैं जरुरी जानो कि उ भरोसा को लाने पुरो यत्न करो जे परमेस्वर ने सुध्द अदमी को एक ही बार सोपियो गयो थो।
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