जाल को उदाहरन
47 "फिर स्वर्ग को राज उ बड़ो जाल ख जसो हैं जो समुंदर म डालो गयो, अऊर सब तरीका कि मच्छी हुन ख इकट्ठा कर लियो। 48 अऊर जब जाल भर गयो, ते मच्छी हुन ओ ख समुंदर को किनारा पर खीच लायो, अऊर बैठ ख चोक्खो-चोक्खो ते टोपली म एक जुट करी अऊर बेकार फेक दियो। 49 दुनिया को आखरी म असो होय। स्वर्गदूत आँख बुरा काम दुस्ट हुन ख धर्मी हुन से अगल करिये, 50 अऊर उन ख आग को कुण्ड म डालो जाहे। जहाँ रोनू अऊर दाँत पीसना होय।