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Mateus 25

़ा उदहरन

14 "ि अदमजसदसैं, सरबखत अपनअपनधन पति उन िो। 15 एक ाँ़ा, सरअर सरएक: असि हर एक ओकसकि अनिो, अर तब सरचलगयो। 16 तब ाँ़ा िहतो, परनय-ओ न-दिो, अर ाँ़ा अर कमो। 17 तरिहतो, अर कमो। 18 पर एक िहतो, जमि िी, अर अपनििो।"

19 "ििउनसिे।" 20 ाँ़ा िहतो, ाँ़ा अर कहयो, ि, ाँ़ा िहतो, , ाँ़ा अर कमैं। 21 ओखिकहयो, धनभलअर ि, ़ा भर, ़ा ियक रहे; अधिबनँ। अपनिि22 अर ़ा िहतो, आय कहयो, ि़ा िहतो, ़ा अर कमो। 23 ओखिकहयो, धनअरभलो, अर ियक , ़ा ियक रयो; अधिबनँ। अपनिो। 24 तब एक ़ा िहतो, आय कहयो, अरि, हति पक25:24 ढट्ठीअदमैं जहाँ कहैं वहैं, अर जहाँ पर ैं वहाँ सकल ैं। 25 एकडर गयअर ़ा जमि, ैं, आय26 ओखिकहयिो, अर आलस, जब हति जहाँ वहूँ, अर जहाँ वहसकल ैं; 27 िहति सरे, तब आय अपनधन-दगनूँ। 28 एक़ा े, अर नजदस ़ा ैं, े। 29 ि नजैं, अर िएगो; अर ओखनजएगो: पर नजैं, ओखनजैं, िएगो। 30 अर िहर ो, वहपर अर ाँसनो।

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