नेम को दिन
31 "तब इंसान को पोरिया माहिमा म आएँगो, अर सारो स्वर्गदूत हुन ओखा संग आएँगो, ते उ अपनी महिमा का संग सिंहासन पर बठे होऐ।" 32 अऊर सारी जाति हुन ओको सामने एकजुट करो जाहे: अर जसो कि चरानवाला भेड़ी हुन ख बकरी हुन से अगल कर दे हैं, वसो ही उ उन ख भी एक-दूसरा से अगल करेगों। 33 उ भेड़ी हुन ख अपनी दाहिनी तरफ अर बकरी हुन ख बाई तरफ खड़ो करे। 34 तब राजा अपनी दाहिनी ओर को लोग हुन से कहेगो, मोरो बाप ख किरपा पस्र हुन आ अर उ राज को अधिकारी हुन बनो, जे दुनिया को सुरूवात से तुमारो लाने तैयार करियो गयो हैं। 35 काहेकि म भूको हता, अर तुम न मोखा जोव ख नी दियो; मी प्यासो हतो, अर तुम न मोखा पानी नी दियो, म परदेसी हतो, अर तुम न मोखा अपनो घर म रखो; 36 म नंगो हतो, अर तुम न मोखा कपड़ा पहिनायो; म बीमार हतो, अर तुम न मोरी देख भाल करी, म जेल म हतो, अर तुम मोखा मिल आयो। 37 ऐपर धर्मी ओ ख से कहेगो, अरे प्रभु हम न कब तो ख भूखो देखियो हतो? अऊर हम न कब प्यासो देखियो अर पानी पिलायो? 38 हम न कब तोखा दूसरो देस देखो अर अपनो घर म ठहरयो? अर नंगो,25:38 नंगा देखियो हतो अर कपड़ा पहिनायो? 39 हम न कब तोखा बीमार अर जेल घर म देखियो अर तो से मिलन आयो? 40 तब राजा उन ख उत्तर देगो, म तुम सच कहू हैं कि तुम न जो मोरो इन छोटा हुन से छोटा हुन भई हुन म से कोई एक का संग कियो, उ मोरो ही संग कियो।
41 तब उ बाई तरफ वाला से कहेगो, अरे पापी अदमी हुन, मोरो सामने से उ अनन्त आग म चलो जा, ते सैतान अर ओखा दूत हुन ख लाने तैयार कियो गयो हैं। 42 काहेकि म भूखो हतो, अर तुम न म खान ख नी दियो; म प्यासो हतो, अर तुम न मो ख पानी नी पिलायो; 43 मी दूसरो देस हतो, अर तुम न मोखा अपनो घर हुन म नी रखो; म नंगो हतो, अर तुम न मोखा कपड़ा नी पहिनायो; म बीमार अर जेल घर म हतो, अर तुम न मोरी खबर नी ली। 44 "तब वी उत्तर देगो, अरे प्रभु हम न तोखा कब भुखो, अर प्यासो, अर दूसरो देस अर नंगो, अर बीमार, अर जेल घर म देखियो, अर तोरी सेवा देखभाल नी कि। 45 तब उ उन उत्तर देगो, ‘मी तुम से सच कहू हैं कि तुम न जो इन छोटो से छोटो म से कोई एक को संग नी कियो, उ मोरो संग भी नी करियो।’ 46 अर यू अनन्त सजा भोगे पर धर्मी को अन्त जिन्दगी म भीतर करेगों।"