गतसमनी म विनती
36 तब यीसु अपनो चेला हुन का संग गतसमनी नाम एक जगह म आयो उ उन से कहयो, "तुम लोग हुन यहाँ बैठ, मी तब तक वहाँ विनती कर जाऊ हैं।" 37 उ पतरस अर जबदी को दुई पोरिया हुन ख अपनो संग ले गयो, यीसु नाराज अर व्याकुल होन लगो। 38 अर ओ न उन से कहयो, "मोरो मन बेजा जादा उदास हैं, यहाँ तक कि मोरी जान निकल जा रयो हैं। तुम यही रूको अर मोरो संग जागते रहनु।"
39 अऊर यीसु थोड़ीदर आगे बढ़ ख अर उनना धरती पर मुँह को बल गिर ख, यू विनती करी, "अरे मोरो बाप अदि हो सक, ते यू कटोरा मो से हटा दे, ते भी जसो म मोरी नी, पर तोरी मर्जी पूरी होऐ।"
40 ते ओ न चेला हुन ख नजीक आय उन ख सोते देख ख अर पतरस से कहयो, "का तुम मोरो संग एक बखत भी नी जाग सका? 41 जागते रह अर विनती करते रह कि तुम परीक्छा म नी पड़ो; आत्मा ते तैयार हैं, पर सरीर कमजोर हैं।"
42 उ ते दुसरी बार गयो अर उनना यी विनती करी, "अरे मोरो बाप, अदि यू कटोरा मोरो पीवन बिना नी हट सक हैं ते तोरी ही मर्जी पूरी हो।" 43 ते ओ न आय ख उन ख फिर सोते देखियो, काहेकि उनकी आँख नींद से भरी हती रह।
44 अर यीसु उन ख छोड़ ख उ ते चलो गयो, अर उन ख आवाज म ते तीसरी बार विनती करी। 45 अऊर ऐको बाद उ अपनो चेला हुन ख नजीक आय ख अर ओसे कहयो, "अब सोते रह, अर आराम कर रयो हो; देखियो, उ बखत नजीक आ गयो हैं, इंसान को पोरिया पापी हुन न को हात पकड़वायो जा रयो हैं। 46 उठो, चलो! देखो, मोरो पकडान वालो नजीक म आ गयो हैं।"