सुध्द आत्मा को व्दारा जीवन
1 पर अब जो मसी यीसु म हैं, ओ पर सजा कि आग्या नी हैं। काहेकि वी सरीर ख अनुसार नी पर आत्मा का अनुसार चल हैं। 2 काहेकि जिन्दगी कि आत्मा को नेम नी मसी यीसु म मोखा पाप कि अर मरन कि नेम से आजाद कर दियो। 3 काहेकि जो काम नेम से सरीर का लाने कमजोर होकर नी कर सक, ओ ख परमेस्वर नी कियो, असो कि अपनो ही पोरिया ख पाप मय को जिन्दगी ख समान म अर पापबलि होन का लाने भेज ख, जिन्दगी म पाप पर सजा कि आग्या दियो। 4 एकोलाने कि नेम कि रीति हम म जो सरीर ख अनुसार नी पर आत्मा ख अनुसार चल हैं, पुरी कि जाहे।