54 एने जुलबुखे ज्यो खेतेम एण्यो बिगेर खेतेम एण्याह पेरलेय, एने ज्यो मोरनार बिगेर मोरनाराह पेरलेय, तुलबूखे तो वचन जो लिखेल हे, पुरो एय जाय: "मोत खेतेम एय गियी, एने जीत जुड़नी!"
55 एय मोत, तारी जिक का रेनी?
एय मोत, तारो टोचणो का रेनो?
54 एने जुलबुखे ज्यो खेतेम एण्यो बिगेर खेतेम एण्याह पेरलेय, एने ज्यो मोरनार बिगेर मोरनाराह पेरलेय, तुलबूखे तो वचन जो लिखेल हे, पुरो एय जाय: "मोत खेतेम एय गियी, एने जीत जुड़नी!"
55 एय मोत, तारी जिक का रेनी?
एय मोत, तारो टोचणो का रेनो?