14 पुण जो माणुह बोगवानान जीवान वातु स्वीकार नाह किरेत, काहाकाय तान नेजरी माय फोगवाल्यु वातु हेत्यु, एने तो ताह जाण सिकेह काहाकाय तान पारेख चोखाला जीवान रिती केरीन इती रिथे। 15 जा माय बोगवानान जीव हे तो आखो काय पारेख लिथे, पुण तो सोता कुणीच पारखाय नाह जात। 16 जिहकेरीन देरेम पुस्तेक माय लिखेल हे:
"काहाकाय मालीकान मोन कुण सोमजेल हे काय ताह हिकाड़ी?"
पुण आमु माय मसीन मोन हे।