मोटली राजगादि एने आखरी नियाव
11 पुशो मी एक दोवल्यी मोटली राजगादि एने जो ती पोर बोह रियेल हे, ताह दिख्यो। तान ओंगाण रेन देरती एने जुग नाह गीया, एने तान पुतो वोर नाह चालनो। 12 एने मी ता मुरेलाह जा आत्या मोठा एता, ताह बोगवानान राजगादिन सामने उबरियेल दिखेल। एने पुस्तेक खोलाय गीया, तान पासाण जीवणान पुस्तेक खोलाय गियी। मुरेल माणहान नियाव पुस्तेक माय जिहकेरीन लिखेल एतो, तिहेस केरीन तान कामान गेत नियाव एनो। 13 तेवी देरीया माय जा मुरेल एता ताह तो आप दिनो। मोत एने आंदारकेली माय जा माणहे एता, ताह तो आप दिनो। एने आखा माणहान नियाव तान कामान गेत एनो। 14 मोत एने आंदारकेली आक्ठान जोवरा माय टाकाय गीया। ज्यो आक्ठान जोवोर आखरी मोत हे। 15 एने जा बी माणहान नाव जीवणान पुस्तेक माय लिखेल नाह जुड़नो, ता माणहे आक्ठान जोवरा माय टाकाय गीया।