4 तव रतल रगन एक गड आव, त गड पर बहणरह जय सकत आपल एत कय दरत पर रन सनत वस लय, तकय मणह एक दहरह मर। एन तह एक मटल तलवर आपल एत।
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4 तव रतल रगन एक गड आव, त गड पर बहणरह जय सकत आपल एत कय दरत पर रन सनत वस लय, तकय मणह एक दहरह मर। एन तह एक मटल तलवर आपल एत।