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1 कोरिंथ 7:1-4

OHSS Hindi Contemporary Version

विवाह और कौमार्य

1 अब वे विषय जिनके संबंध में तुमने मुझसे लिखकर पूछा है: पुरुष के लिए उचित तो यही है कि वह स्त्री का स्पर्श ही न करे 2 किंतु व्यभिचार से बचने के लिए हर एक पुरुष की अपनी पत्नी तथा हर एक स्त्री का अपना पति हो. 3 यह आवश्यक है कि पति अपनी पत्नी के प्रति अपना कर्तव्य पूरा करे तथा इसी प्रकार पत्नी भी अपने पति के प्रति. 4 पत्नी ने अपने पति को अपने शरीर पर अधिकार दिया है, वैसे ही पति ने अपनी पत्नी को अपने शरीर पर अधिकार दिया है.

Em outras traduções

  1. HSB Hindi Standard Bible

    1 अब उन बातों के विषय में जो तुमने7:1 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "मुझे" लिखा है। लिखी हैं : पुरुष के लिए अच्छा यह है कि वह स्‍त्री को न छुए। 2 परंतु व्यभिचार से बचने के लिए प्रत्येक पुरुष की अपनी पत्‍नी हो, और प्रत्येक स्‍त्री का अपना पति। 3 पति अपनी पत्‍नी के प्रति और इसी प्रकार पत्‍नी भी अपने पति के प्रति कर्तव्य निभाए। 4 पत्‍नी को अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसके पति को है। इसी प्रकार पति को भी अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसकी पत्‍नी को है।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    1 उन बातों के विषय में जो तुम ने लिखीं, यह अच्छा है, कि पुरुष स्त्री को न छूए। 2 परन्तु व्यभिचार के डर से हर एक पुरुष की पत्नी, और हर एक स्त्री का पति हो। 3 पति अपनी पत्नी का हक़ पूरा करे; और वैसे ही पत्नी भी अपने पति का। 4 पत्नी को अपनी देह पर अधिकार नहीं पर उसके पति का अधिकार है; वैसे ही पति को भी अपनी देह पर अधिकार नहीं, परन्तु पत्नी को।

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