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2 Samuel 13

अमऔर

1 अबशमक अतपवतबहन ी, िसका. अममक अनगया.

2 अमअपनबहन रण इतनअधििगयि वह रहनलगा. उसककरनअमकठिपडा. अब तक ुंी.

3 िमअह मक ा, अमिा. वह एक चतयकि ा. 4 उसनअमकहा, "सप, िन-परतििऐसरझुंों रहो? बत, ै?"

अमउसउततर िा, "अबशबहन गयै."

5 उससकहा, "ऐसकरो, कर अपनिपर ो. जब िें खनआएउनसकहना, बहन िि वह यहआकर खतजन करि ैं उसकजन करूं.’ "

6 तब अमऐसगयवह ा. जब उसखनआए, अमकहा, "पयबहन िि वह यहां आकर मनिजन बन, ि ैं उसजन कर सकूं."

7 तब घर पर यह ा, "अपनअमघर पर चलऔर उसकिजन कर ो." 8 तब अपनअमघर पर चलगई, जहां वह ा. उसनवहां आटूंऔर उसकखतिां बन. 9 इसकउसनबरतन ें जन िलकर अमपरिा, मगर अमा.

उसनआदिा, "अनसभयकि उस कमरहर िं." तब सभवहां हर चलगए. 10 तब अमकहा, "जन यहां इस कमरें , ि ैं जन कर सकूं." तब अपनिजन अपनअमिकट गई. 11 वह उसकजन उसकिकट कर गई, अमउसपकडिऔर उससकहा, "बहन, आओ, ."

12 उसनउततर िा, "नहीं, ! िवश करो! इसएल ें ऐसनहीं िा; मत करयह अन! 13 और ििषय ें िकरो. ैं इस लजिूंी? और अपनिषय ें िकरो. इसएल ें ें ओगे. सहि इस िषय ें आगरह करो. वह िषय ें आगरह असकरेंे." 14 मगर अमउसकएक ी. अपबलवरण वह उस पर रबल गया, और उसनउसकबलिा.

15 इसकअमरति ऐसभर गया, बहबड़ी ी. उसकयह उसकरति उसककहीं अधिभयकर ी. तब अमकहा, "चलउठऔर िकल यहां े!"

16 मगर उससकहा, "नहीं, , इस रकजनिगए इस करगलत ी."

मगर अमउसकएक ी. 17 उसनअपनवक कर उसआदिा, "इससमय इस उपसिि , और ियह कर ो." 18 एक वसरण िी. इस वसें ांें ी. ुंकनइसरकवसपहनकरती. उस वक उसकमरहर िलकर कर िा. 19 अपनिपर भसअपनांवसिा, िउसनइस समय पहना. वह इस िि ें अपनमसतक पर रखउचवर ें गई.

20 अबशउससा, "ा, अपनअमयहां रहो? बहन, अब ां. वह ा. इसअपनदय िो." तब अपनअबशआवें असहकर रहनलगी.

21 इस घटनसमनकर बहगए. 22 अबशअमभला-कहा. अमउसकबहन रष्‍िा, इसलिअबशअमकरनलगा.

िअबशरति

23 इस घटनवरपर अबशों ल-ह़ोमक पर आमििा. यह एफईम िकट ा. यहीं अबशऊन कतरनगए े. 24 अबशिकट कर उनसिनती, "कर ि: आपकवक ऊन कतरनैं. पयमहऔर उनकवक वहां पधे."

25 मगर अबशउततर िा, "नहीं , हम सबकवहां सहा. हम सब िबन े." अबशिनतकरतरहमगर मनकरतरहे. ां, अबशआशअवशिा.

26 इस िि ें अबशअपनिकहा, "अचा, यदि आप नहीं सकतहमअमे."

इस पर रशिा, "ों? वह ों एग?" 27 मगर जब अबशिनतकरतरहा, अमऔर जपों उसकआजी.

28 अबशअपनवकों आदरखा, "खतरहना! जब अमखमधनशें , और जब ैं ें आदूं, अमपर करो,’ तब उसकर ा. िझकना. वयैं ें यह आदरहूं; हस बनरखनऔर रतिा." 29 अबशवकों इस आदा-लन िा. वह सभजपअपने-अपऩों पर सवगए.

30 जब सब ें े, यह समइस रकगया: "अबशसभजपों कर िै; एक िरहै." 31 यह नकर ें अपनवसि, और उठकर ि पर े. उनकिकट सभवकों अपनवसि.

32 मगर िमअह आशसन िा, "रभु, यह ें ि उनोंजपों कर िै. वध अमिगयै. इसकिचय अबशउसिकर िा, ििअमअपनबहन बलिा. 33 मह, इस िउदों, ि जपों िै, ोंि िअमिगयै."

34 इसअबशवहां िकला.

वहां िपहरि ी, ि उसकपरवत एक ओर अनचलरहे.

35 कहा, "िजपआए ैं! ै, आपकवक आपककहा."

36 वह यह कह रहा, ि जपपहुंऔर आवें लगे. उनकऔर वक ट-फटकर लगे.

37 इस समय अबशकरकअमलमशरण ें पहुंा. अपनिहर रहे.

38 अबशगकर मक पर गयऔर वहां तक रहतरहा. 39 दय अबशिलनिरहता. अब उनें अमिषय ें ांि ्‍ी.

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