15 मेरी प्रियतमा, कितनी सुंदर हो तुम!
ओह, तुम वास्तव में कितनी सुंदर हो!
तुम्हारी आंखें कबूतरी के समान हैं.
नायिका
16 कितने सुंदर लगते हो, तुम, मेरे प्रियतम!
तथा आनन्द-दायक भी!
वास्तव में कितना भव्य है हमारा बिछौना.
नायक
15 मेरी प्रियतमा, कितनी सुंदर हो तुम!
ओह, तुम वास्तव में कितनी सुंदर हो!
तुम्हारी आंखें कबूतरी के समान हैं.
नायिका
16 कितने सुंदर लगते हो, तुम, मेरे प्रियतम!
तथा आनन्द-दायक भी!
वास्तव में कितना भव्य है हमारा बिछौना.
नायक