11 जब याहवेह के भवन की नींव रखी गई तब उनकी स्तुति का विषय था,
"याहवेह भले हैं;
तथा इस्राएल पर उनका अपार प्रेम सदाकाल का है."
उन्होंने अपने गीतों में स्तुति और आभार प्रकट किए. उपस्थित सारे समुदाय ने उनके गीतों पर बहुत ही ऊंचे शब्द में याहवेह का जय जयकार किया.