17 फिर आदम से परमेश्वर ने कहा, "तुमने अपनी पत्नी की बात सुनकर उस पेड़ से फल खाया, ‘जिसे खाने के लिये मैंने तुम्हें मना किया था,’
"इस कारण यह पृथ्वी जिस पर तुम रह रहे हो, श्रापित हो गई है;
तुम जीवन भर
कड़ी मेहनत करके जीवन चलाओगे.
17 फिर आदम से परमेश्वर ने कहा, "तुमने अपनी पत्नी की बात सुनकर उस पेड़ से फल खाया, ‘जिसे खाने के लिये मैंने तुम्हें मना किया था,’
"इस कारण यह पृथ्वी जिस पर तुम रह रहे हो, श्रापित हो गई है;
तुम जीवन भर
कड़ी मेहनत करके जीवन चलाओगे.
17 फिर उसने आदम से कहा, "क्योंकि तूने अपनी पत्नी की बात सुनकर उस वृक्ष का फल खाया है जिसके विषय में मैंने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना, इसलिए भूमि तेरे कारण शापित है। तू उसकी उपज जीवन भर कठिन परिश्रम के साथ खाया करेगा;
17 और आदम से उसने कहा, "तूने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैंने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना, उसको तूने खाया है, इसलिए भूमि तेरे कारण श्रापित है। तू उसकी उपज जीवन भर दुःख के साथ खाया करेगा; (इब्रा. 6:8)
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