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उत्पत्ति 32

एसिलन

1 जब अपनओर िकलतब ें उनकेंपरमवर . 2 उनें खकर कहा, "यह परमवर ििै!" उनोंउस जगह ईम32:2 माहानाईम अर्थ दो शिविर िा.

3 अपनएसएदईर ें े, 4 और उनसकहि एसयह कहनि आपकवक कहतै, "ैं यहां परकर अब तक वहीं रहा. 5 अब , गधतथी-िां ैं. अधिपति एसजनरण यह ि आपकि पर बनरहे."

6 जब टकर आए और उनें बता, "हम आपकिे. आपसिलनयहां रहैं और उनकयकिों ुंै."

7 यह बहडर गयएवगए. उनोंअपनचल रहों ों ें ांितथ़-बकरिों, य-बों तथों समबनि. 8 यह चकर ि, अगर एसआकर एक ुंपर आकरमण करा, सरुंबचकर ा.

9 कहा, "हव, िअबतथिसहपरमवर, आपनअपनकहऔर कहि ैं ें आशिकरूंा. 10 आपनितनिा, बढ़ाऔर आशििा, ैं उसकनहीं ूं, ोंि समय एक छड़ी िसककर ैंयरदन नदऔर 11 अब ैं इन समों रहूं. रभु, िनति आप एसबचं. डर ि वह आकर पर, इन और लकों पर आकरमण करा. 12 आपनकहि िचय ैं ें बढ़ातथगर तट समकर ूंा."

13 वहीं ि. और उनोंअपनपति ें अपनएसउपहिअलग िा: 14 बकरिां तथबकरे, ़ें तथ़े, 15 टनिां तथउनकवक, ें तथदस ां़, गधिां तथदस गधे. 16 पशअलग-अलग ुंबनकर अपनवकों ौंि, और उनोंअपनवकों कहा, "आगे-आगचलततथहर एक ुं़ी जगह ा."

17 सबसआगउनसकहा: "जब एसिऔर वह मसा, और कहां रहो? और सब पशु, आगरहैं, िसकैं?’ 18 तब उनसकहना, सभआपकैं, उपहें उनकअधिपति एसिरहैं. और हमरहैं.’ "

19 यहसरतथसरतथउन सभकही, उनके-रहे. 20 "यह कहना, आपकवक रहैं.’ " ोंि ा, "इतनउपहकर ैं एसकर ूंा. इसकैं उनका. तब , वह कर ेंे." 21 और इसतरह सब उपहआगबढगये, और ें रहे.

मलल-य

22 उस उठऔर अपनों पतिों, ों िों एवलकों कर यबचलगए. 23 सबकनदसरतरफ िा. 24 और वहीं गये. एक यकि वहां आकर बह तक उनसमलल-यकरतरहा. 25 जब उस यकि यह ि वह हरनहीं सकतब उसनांनस और मलल-यकरते-करतउनकनस चढगई. 26 यह पर उस यकि कहा, "अब ो."

िंउस यकि कहा, "नहीं, ैं आपकतब तक ूंा, जब तक आप आशेंे."

27 तब उसना, "ै?"

उसनकहा, "."

28 तब उस यकि उनसकहा, "अब नहीं बलि इसएल32:28 अर्थ वह परमेश्वर के साथ संघर्ष करता है ा, ोंि परमवर तथमनों घरकरतगए ो."

29 तब उस यकि कहा, "पयआप अपनबतइए."

उस यकि उततर िा, "करनकर?" और तब उस यकि वहीं आशी.

30 जहां यह सब उस पनएल32:30 पनीएल अर्थ परमेश्वर का चेहरा रखा, यह कहकर ि "ैंपरमवर आमने-मना, िवन बच गया!"

31 जब पनएल32:31 पनीएल मूल में इधर पनूएल पाया जाता है िकलतब रज उसकऊपर उग आया. वह अपनांरण गड़ा रहे. 32 इस घटनमरण करतइसएल आज तक ांांसपनहीं ोंि उस यकि ांइसांसपपर ा.

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