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Gênesis 6

नव उततरतर पतन

1 िजब पर मनों बढलगऔर उनकिां , 2 तब परमवर ों मनों िों ि ुंदर ैं. और उनोंउनें अपनइचअनअपनी-अपनपतिां बनिा. 3 यह खकर हविणय िा, "आतमनहमबहस करतरहोंि मनवल ांै, वह 120 वरिरहा."

4 उन िों ें पर नव रहते. जब परमवर ों और मनों िों बहबलवऔर रवे.

5 जब हवमनों ि हमकरतैं, ि उनोंकलपनवह लगऔर तरह ी. 6 तब हवपर आदम बनकर पछतऔर मन ें अति ि. 7 और हवा, "ैं पर मनिूंा—हर एक मन, पशु, ेंगततथआकपकी, िनकबनकर ैं पछतूं." 8 िपर हवअनरह ा.

और जलपरलय

9 और उनकपरिअभिइस रकै:

एक धरऔर ियकि े. परमवर चलते.

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