Pular para o conteúdo
Publicidade

योहन 20

मसदरशन

24 जब मसअपनिों आए े, उस समय उनकरह िों ें एक ि, िनकउपनिा, वहां नहीं े. 25 अनिउनसकहतरहे, "हमनरभै."

इस पर उनसे, "जब तक ैं उनकों ें ों िूं और ों िउन ों ें अपनगलऔर उनकपसलें अपनलकर ूं, तब तक ैं िकर नहीं सकता."

26 आठ िमसिउस ककें इकटऔर इस समय उनके. पर मसउनकखड़े और उनसकहा, "ममें ांि बनरहे." 27 तब उनोंओर कर कहा, "अपनगलों कर और अपनबढ़ाकर पसलें ो; अविरहकर, िबनो."

28 उठे, "रभु! परमवर!"

29 मसउनसकहा, "मनिइसलििि मनिा, धनैं े, िोंनहीं िििा."

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também