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João 4

46 मसगलरदनगर ें आए, जहां उनोंजल खरस ें बदला. कफरनहनगर ें एक जकरमचा, िसकअसवसा. 47 यह नकर ि मसयहिरदगलें आए ैं, उसनआकर मसिनति वह चलकर उसकवसकर ें, ु-शयपर ै.

48 इस पर मसउसिकहा, "िऔर चमतििनहीं करते!"

49 जकरमचउनसिनती, "मन, इससि लक ो, पयचलें."

50 मसउससकहा, ", िरहा."

उस यकि मसवचन पर ििऔर घर गया. 51 जब वह ें ा, उसकउसिगए और उनोंउसचनी, "ी, आपकवसगयै."

52 "वह िसमय वसलगा?" उसनउनसा. उनोंकहा, "कल लगभग पहर एक बज4:52 दोपहर एक बजे मूल में सातवें घंटे उसकवर उतर गया."

53 िसमझ गयि यह उससमय जब मसकहा, "िरहा." इस पर उसनऔर उसकपरिमसें ििा.

54 यह सरअदिा, मसयहिरदटकर गलरदें िा.

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