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योहन 6

53 मसउनसकहा, "ैं पर यह अटल सचरकट कर रहूं: जब तक मनशरऔर उसकलहिो, ममें वन नहीं. 54 अनवन उसै, शरऔर लहै; ििैं उसििकरूंा. 55 शरतविजन और लहतविै. 56 शरऔर लहै, वहै, झमें बनरहतऔर ैं उसमें. 57 वनिपरमवर और ैं िरण िूं, वह ी, रहण करतै, रण िरहा. 58 यह वह ै, वरउतरै; नहीं, वजों और िउनकगई; परवह, यह ै, हमिरहा."

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