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लेवी 12

रसकरण

1 हवकहा, 2 "इसएल रजयह आदो: जब जने, वह ििअशरही, ऋतें अशरहतै. 3 आठवें िउस लक तनकर ि. 4 वह रकतसियत ैंितक िें रही, जब तक उसकिं, वह िपविवसएगऔर पविें रवकरी. 5 िंयदि वह जने, वह सप्‍तक अशरही, वह ऋतें ै. वह रकतसियत िसठ ितक िें रही.

6 " जब उस ि, वह िअथवि, वह िलनवपर िमनमबलि िएक वरमनतथपबलि िएक कबतर बचअथवएक कपबचकर आए. 7 तब िइसउस यशिकरनिहवेंकरे. और वह अपनरकतसएगी.

" यह िि हर एक रसिै, वह जनअथवो. 8 िंयदि वह एक मनखरदनें असमरै, वह कपअथवकबतर बच्‍कर आए; एक मबलि िऔर अनपबलि ि. इस रकिउस ियशिकरऔर वह पविएगी.’ "

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