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मार्कास 4

बवडर ांकरन

35 उसिसमय ें मसिों कहा, "चलो, उस चलें." 36 वहीं ़, उनोंमसो, वह ी, अपनें चल ि. अनें उनकीं. 37 उससमय हवबहचलनलगी. लहरों थप़ों रण ें भरनलगा. 38 मसिछलें तकिलगरहे. उनें जगिे, "वर! आपकहमिंनहीं ि हम रहैं!"

39 मसगए. उनोंबवडर ांतथलहरों आजी, "ां! ि!" बवडर ांगयतथांि गई.

40 मसिों खकर े, "ों इतनभयभ? रण ि ममें अब तक िनहीं?"

41 िअतभयभे. आपस ें कहनलगे, "यह ि बवडर और 4:41 अथवा लहरें. तक इनकआजलन करतैं!"

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