Pular para o conteúdo
Publicidade

Mateus 14

तथ

1 उससमय े, एक ा, िषय ें ा. 2 उसनअपनवकों कहा, "यह बपतिहन ै—मरें उठा! यहरण ि आशचरयकरकरनमरइसमें ै."

3 उनकहतरण ़ििपतिअस. बपतिहन बनकर ें ि4 ोंि बपतिहन उसयह वनरहते, "िअस अपनरखनउचिनहीं ै." 5 हन सम्‍कर हतिंउसों भय ोंि उनें भवियवकनते.

6 जनमदिवस समअवसर पर िअस य-परदरशन इतनरसन्‍ि 7 उसनउस िशपथ कर वचन िि वह ांसकतै. 8 अपनपर उसनकहा, "एक ें, यहीं, बपतिहन िि." 9 यदयपि इस पर ुःिअवशिंअपनशपथ और उपसिअतििों रण उसनइसकि आजी. 10 उसनिें जकर हन िकटविा, 11 उसएक ें कर उस ििगयऔर उसनउसकर अपनिा. 12 हन िआए, उनकशव गए, उनकिकर ितथइसकिषय ें ििा.

ांहज़ाजन

13 इस समपर सवकर वहां एकांें चलगए. जब ों यह , नगरों िकलकर दल उनकचल ि. 14 तट पर पहुंचनपर इस बड़ी और उनकदय करभर गया. उनोंउनमें, उनकवसिा.

15 उनकिउनकआकर कहनलगे, "यह िजन और िढल रहइसलििकर िि ांों ें कर अपनिजन-वयवसकर सकें."

16 िंउनसकहा, "उनें िकरनरत नहीं ै—उनकिजन यवसकरो!"

17 उनोंबति यहां उनकिांिां और मछलिां ैं.

18 उनें आजी, "उनें यहां आओ." 19 ों पर ठनआजांों िां और मछलिां अपनों ें कर वरओर ें उठकर जन िधनयविां ़-कर िों िऔर िों ो. 20 सभभरपा. रह गए कड़े इकटकरनपर रह करभर गए. 21 वहां ितनों जन िउनमें िों और लकों कर ों ांहज़ाी.

जल सतह पर चलन

22 इसकिों ें सविइस उदिवश िि िउनकसरओर पहुंं, जबकि वह वयिकरनलगे. 23 िकरनवह अकपरवत पर चलगए ि वहां कर वह एकांें थनकरें. यह समय और वह वहां अके. 24 िपरिें हवतथलहरों थप़े कर तट बहिकल ी.

25 िरहर14:25 अंतिम प्रहर रात के करीब 3 बजे ें जल सतह पर चलतउनकओर आए. 26 उनें जल सतह पर चलतिघबरकर कहनलगे, "यह!" और भयभिलगे.

27 इस पर उनसकहा, "डरमत. हस रखो! ैं ूं!"

28 तरउनसकहा, "रभु! यदि आप ैं आजिि ैं जल पर चलतआपकं."

29 "आओ!" आजी.

तरउतरकर जल पर चलतओर बढलग30 िंजब उनकहवगति ओर गयवह भयभगए और जल ें बनलगे. वह ि, "रभु! बचइए!"

31 बढ़ाकर उनें िऔर कहा, "अरे, अलिी! मनों िा?"

32 तब ों ें चढगए और थम गई. 33 ें सविों यह कहतदनी, "सचमआप परमवर-पैं."

34 कर गन्‍सरत रदें गए. 35 वहां ििों उनें पहचिऔर आस-पों ें िा. यकिों उनकलगे. 36 िनतकरनलगे, ि वह उनें अपनवसें. अनों उनकवसऔर वसगए.

Veja também