Pular para o conteúdo
Publicidade

मत्तियाह 15

कननवसरहनि

21 तब वहां िकलकर और रदें एकांतवकरनलगे. 22 वहां एक कननवआई और र-परकर कहनलगी, "रभु! पर दयि. ! ें एक समऔर वह बह़िै."

23 िंउसकओर नहीं िा. िआकर उनसिनतकरनलगे, "रभु! उसिकर ि. वह िहमलगै."

24 उततर िा, "इसएल ़ों गयै."

25 िंउस कतउनसिनती, "रभु! सहयति!"

26 उसउततर िा, "लकों परजन उनसकर ों सहनहीं!"

27 उस उततर िा, "सच ै, रभु, िंयह सच ि िकड़ों अपनभर ैं."

28 कह उठे, "सरहनि! ो, हतो." उसषण उसकवसगई.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também