Pular para o conteúdo
Publicidade

मत्तियाह 18

िििषय ें ि

15 "यदि सहविि18:15 कुछ प्राचीनतम पाण्डुलिपियों मूल हस्तलेखों में: "तुम्हारे विरुद्ध" शब्द पाए नहीं जाते. अपरकरकर उस पर उसकरकट कर ो, िंयह ों मधो. यदि वह मनउस्‍कर िा. 16 िंयदि वह तब अपनएक उसकि एक ि िगवों रत ै.18:16 व्यव 19:15 17 यदि वह उनकइनककरतब कलिपर यह सच रकट कर ि. यदि वह कलितब उसर-यहऔर समबहियकि समझो.

18 "पर ैं यह सच रकिकर रहूं ि पर इकटिएगा,18:18 जाएगा अथवा जा चुका है. वह वरें इकटऔर पर ा, वह वरें एगा.

19 "ैं ें िरहूं: यदि ममें यकि पर ििषय पर एक मत कर िनतकरें, वह िा, वरें ैं, िएगा. 20 यह इसलिि जहां यकि ें इकटैं, वहां ैं उनकूं."

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também