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मत्तियाह 21

फलहरझ

18 जब वह नगर ें टकर रहे, उनें लगी. 19 िएक खकर वह उसकगए िंउनें उसमें पतिों अलनहीं िा. इस पर उस िा, "अब झमें कभफल नहीं लगा." वह रझगया.

20 यह िरह गए. उनोंरशिा, "यह रझगया?"

21 उनें उततर िा, "इस सचसमझ ो: यदि ें िो—तनिो—वल वह करे, इस िगयपरयदि इस परवत आजे, उखडऔर समें ि!यह एगा. 22 थनें ििनतकरे, उस्‍करे."

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