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मत्तियाह 7

िऔर िि ि

24 "इसलिहर एक लना, इन िनकर उनकलन करतै, उस ियकि सकतै, िसनअपनभवन िचटपर िा. 25 उठी, वर, आई और उस भवन पर थप़े पड़े, िवह भवन िखड़ा रहोंि उसकींचटपर ी. 26 इसकिपरहर एक ो, इन िनतिंउनकलन नहीं करता, वह उस िि समिसनअपनभवन िपर िा. 27 उठी, वर, आई, उस भवन पर थप़े पड़े और वह धरगया—भयवह उसकि!"

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