3 वह मैं ही था, जिसने एफ्राईम को
हाथ पकड़कर चलना सिखाया;
परंतु उन्होंने इस बात को न जाना
कि वह मैं ही था, जिसने उन्हें चंगा किया.
4 मैंने मानवीय दया की डोरी,
और प्रेम के बंधन से उनकी अगुवाई की.
उनके लिये मैं वैसा था जैसे
कोई छोटे बच्चे को गाल तक उठाता है,
और मैं झुककर उन्हें खाना खिलाता था.