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रोमियों 6

12 अतएव अपनमरणशशरें सन रहनि उसकलसरति समरपण करो. 13 अपनशरों िअधरधन ें रसकरतपरवयमरें िों समपरमवर मनरसकरतथअपनशरों परमवर ििकतधन ें रसकरो. 14 पर रभनहीं रहोंि यवसनहीं परअनरह अधो.

िसति

15 ो? हम पमय वन ें रहें—ोंि अब हम यवसनहीं परअनरह अधैं? नहीं! िलकनहीं! 16 ें यह अहसनहीं ि िआजलन रति समरिपर उसबन ो, िसकआजलन करतो? वह ो, िसकआजिा, िसकिकता. 17 हम परमवर आभैं ि , े, दय उसिलन करनलगो, िसकरति समरि18 और अब टककर िकतबन गए ो.

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