9 उन्होंने पूछा, "कौन हो तुम?"
"मैं रूथ हूं, आपकी दासी." रूथ ने उत्तर दिया. "आप हमारे छुड़ानेवाले हैं, सो अपनी दासी को अपने पंखों की शरण प्रदान करें."
10 "बेटी," बोअज़ ने इसके उत्तर में कहा, "याहवेह की कृपादृष्टि तुम पर बनी रहे. समर्पण और निष्ठा की तुम्हारी यह प्रीति तुम्हारी पहले की प्रीति से बढ़कर है. तुमने यहां के किसी भी धनी या साधारण युवक से विवाह का विचार नहीं किया.
17 रूथ ने आगे कहा, "उन्होंने मुझे ये छः माप जौ भी यह कहते हुए दिए हैं, ‘अपनी सास के पास खाली हाथ न जाना.’ "