11 ह यहव, महनत अऊ समरथ
अऊ महम अऊ गरव अऊ सभ तर ए,
कबरक सवरग अऊ धरत म हर चज ह तर ए।
ह यहव, रज ह तर ए;
तह जमम क ऊपर मखय क रप म उठय ग हस।
11 ह यहव, महनत अऊ समरथ
अऊ महम अऊ गरव अऊ सभ तर ए,
कबरक सवरग अऊ धरत म हर चज ह तर ए।
ह यहव, रज ह तर ए;
तह जमम क ऊपर मखय क रप म उठय ग हस।