9 पर तमन एक चन बस, रज-पदधर परहत, पबतर जत अऊ परमसर क खद क मनख अव, तक तमन ओकर परसस करव, जऊन ह तमन ल अधयर म ल अपन अदभत अजर म बलय हवय। 10 पहल तमन परमसर क मनख नइ रहव, पर अब तमन परमसर क मनख अव; एक समय रहस, जब तमन परमसर क दय ल नइ पय रहव, पर अब तमन ओकर दय ल प ग हवव।
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