14 पर अमनोन ह ओकर बात नइं सुनिस; अऊ ओह तामार ले जादा ताकतवर होय के कारन ओह ओकर संग जबरदस्ती कुकरम करिस।
28 अबसालोम ह अपन मनखेमन ला हुकूम दीस, "सुनव! जब अमनोन ह मंद पीके बहुंत नसा म आ जाही अऊ मेंह तुमन ले कहंव, ‘अमनोन ला मारव,’ तब ओला मार डारव। झन डरहू। का तुमन ला ये हुकूम देवइया में नो हंव। बलवान अऊ साहसी बनव।" 29 एकरसेति अबसालोम के सेवकमन अमनोन के संग वइसे ही करिन, जइसे अबसालोम ह हुकूम देय रिहिस। तब जम्मो राजकुमारमन उठिन, अऊ अपन-अपन खच्चर म चघके भाग गीन।