2 जऊन पसु ला मेंह देखेंव, ओह चीतवा के सहीं रहय, पर ओकर गोड़मन भालू के गोड़ सहीं रहंय अऊ ओकर मुहूं ह सिंह के मुहूं सहीं रहय। सांप सहीं पसु ह ये पसु ला अपन सक्ति, अपन सिंघासन अऊ बहुंते अधिकार दीस।
6 ओह परमेसर के निन्दा करिस। ओह परमेसर के नांव अऊ ओकर निवास के अऊ ओ मनखेमन के निन्दा करिस, जऊन मन स्वरग म रहिथें। 7 ओला अनुमति दिये गीस कि ओह पबितर मनखेमन संग लड़ई करय अऊ ओमन ऊपर जय पावय। अऊ ओला हर एक जाति, मनखे, भासा अऊ देस ऊपर अधिकार दिये गीस।