11 तब मेंह स्वरग ला खुले हुए देखेंव अऊ उहां एक सफेद घोड़ा रहय, अऊ जऊन ह ओ घोड़ा ऊपर सवारी करे रहय, ओला बिसवासयोग्य अऊ सच कहे जाथे। ओह धरमीपन के संग नियाय करथे अऊ लड़ई करथे। 12 ओकर आंखीमन आगी सहीं धधकत रहंय, अऊ ओकर मुड़ म कतको मुकुटमन रहंय। ओकर देहें म एक नांव लिखाय रहय, जऊन ला ओकर छोंड़ अऊ कोनो नइं जानंय। 13 ओह लहू म डुबोय कपड़ा पहिरे रहय, अऊ ओकर नांव परमेसर के बचन ए। 14 स्वरग के सेनामन सुघर, सफेद अऊ साफ मलमल के कपड़ा पहिरे अऊ सफेद घोड़ामन म सवार होके ओकर पाछू-पाछू आवत रहंय। 15 ओकर मुहूं ले एक तेज धारदार तलवार निकलत रहय, जेकर दुवारा ओह देस-देस के मनखेमन ला मारही। ओह लोहा के राजदंड ले ओमन ऊपर राज करही। ओह सर्वसक्तिमान परमेसर के भयानक कोरोध रूपी मंद के कुन्ड ला रऊंदही। 16 ओकर कपड़ा अऊ ओकर जांघ म ये नांव लिखाय रहय:
राजामन के राजा अऊ परभूमन के परभू।