21 मेंह ओला अपन पाप ले पछताप करे के मऊका देय हवंव, पर ओह बेभिचार ले पछताप नइं करे चाहथे। 22 एकरसेति, मेंह ओला तकलीफ के खटिया म डालहूं अऊ जऊन मन ओकर संग छिनारी करथें, कहूं ओमन अपन पाप ला छोंड़के पछताप नइं करहीं, त मेंह ओमन ऊपर घोर दुख-तकलीफ डालहूं।
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