3 अऊ मेंह सिंघासन ले ऊंचहा अवाज म, ये कहत सुनेंव, "देखव! अब परमेसर के निवास मनखेमन के बीच हवय, अऊ ओह ओमन के संग रहिही। ओमन ओकर मनखे होहीं, अऊ परमेसर ह खुद ओमन के संग रहिही। 4 ओह ओमन के आंखी के जम्मो आंसू ला पोंछही। उहां न मिरतू होही,21:4 यसा 25:8 न कोनो सोक मनाही या रोही, अऊ न ही कोनो ला कोनो किसम के पीरा होही, काबरकि पुराना बातमन खतम हो गे हवंय।"
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