4 ओह ओमन क आख क जमम आस ल पछह। उह न मरत हह, न कन सक मनह य रह, अऊ न ह कन ल कन कसम क पर हह, कबरक परन बतमन खतम ह ग हवय।"
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4 ओह ओमन क आख क जमम आस ल पछह। उह न मरत हह, न कन सक मनह य रह, अऊ न ह कन ल कन कसम क पर हह, कबरक परन बतमन खतम ह ग हवय।"