जिनगी देवइया पानी के नदी
1 तब स्वरगदूत ह मोला जिनगी देवइया पानी के नदी ला देखाईस, जेकर पानी ह इसफटिक के सहीं साफ रिहिस। ओ नदी ह परमेसर अऊ मेढ़ा-पीला के सिंघासन ले निकलके 2 सहर के बड़े गली के बीचों-बीच बोहावत रिहिस। नदी के दूनों तीर म जिनगी के रूख रिहिस, जऊन म एक साल म बारह किसम के फर धरय—याने कि हर एक महिना ओमा फर धरय अऊ ओ रूख के पान ले देस-देस के मनखेमन ला चंगई मिलत रिहिस।