जिनगी देवइया पानी के नदी
1 तब स्वरगदूत ह मोला जिनगी देवइया पानी के नदी ला देखाईस, जेकर पानी ह इसफटिक के सहीं साफ रिहिस। ओ नदी ह परमेसर अऊ मेढ़ा-पीला के सिंघासन ले निकलके 5 उहां अब कभू रात नइं होही। ओमन ला दीया या सूरज के अंजोर के जरूरत नइं पड़ही, काबरकि परभू परमेसर ह ओमन ला अंजोर दीही, अऊ ओमन सदाकाल तक राज करहीं।