दसवां अंस
22 जरूरी अय कि हर साल तुम्हर खेत म होवइया जम्मो फसल के दसवां अंस ला अलग रखव 23 जऊन जगह ला यहोवा तुम्हर परमेसर ह अपन नांव बर निवास के रूप म चुनही, ओ जगह म तुमन अपन अनाज के दसवां अंस, नवां अंगूर के मंद अऊ जैतून तेल, अऊ अपन गाय-बईला अऊ पसु-चिरई के पहिलांत ला यहोवा अपन परमेसर के आघू म खावव, ताकि तुमन हमेसा यहोवा अपन परमेसर ला आदर देय बर सीखव। 26 ओ चांदी के उपयोग अपन मन मुताबिक चीज बिसाय म करव: गाय-बईला, भेड़-बकरी, अंगूर के मंद या कोनो आने मंद, या कोनो अऊ चीज जेला तुमन चाहव। तब तुमन अऊ तुम्हर परिवार के मनखेमन उहां यहोवा तुम्हर परमेसर के आघू म खावंय अऊ आनंद मनावंय।
28 हर तीन साल के आखिरी म, ओ साल के ऊपज के जम्मो दसवां अंस ला लानव अऊ ओला अपन नगर म इकट्ठा करव, 29 ताकि लेवी (जेमन करा ओमन के खुद के कोनो हिस्सा या निज भाग नइं ए) अऊ परदेसी, अनाथ अऊ बिधवा जेमन तुम्हर नगर म रहिथें, ओमन आवंय अऊ खावंय अऊ संतुस्ट हो जावंय, अऊ यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुम्हर जम्मो काम म तुमन ला आसीस देवय।