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ब्यवस्था 28

लन करई आस

1 यदि मन यहअपन परमसर जमनहअऊ िओकर जमलन करहू, ें आज मन वत , यहहर परमसर मन धरतजमि मनखमन बहुंऊपर ठहिी। 2 यदि मन यहअपन परमसर नव, जमआसमन िलहअऊ आससमन हर बनरहिीं:

3 मन सहर अऊ त-खआसिलही।

4 हर आसिलही, अऊ हर फसल अऊ हर पसमन ा—हर ुंबछरअऊ ़ा-मन आसिलही।

5 हर कनअऊ हर बरतन आसिलही।

6 मन आसिलही, जब मन तर आहअऊ मन आसिलही, जब मन िू।

7 यहअइसकरहि हर िवइयबईरमन हर ीं। ओमन एक िहमलकरहीं, पर िीं।

8 यहहर ऊपर अऊ मन जऊन करथव, जमआसी। यहहर परमसर मन आसी, ओह मन वत े।

9 यदि मन यहहर परमसर ममन लन करहअऊ ओकर रसतचलहू, यहमन अपन पबितर मनखिकरही, जइसि ओह हर कसम यदकरहवय10 तब धरतजममनखमन खहीं ि मन यहांबलथव, ओमन हर डरहीं। 11 अऊ जऊन मन बर यहहर रखमन कसम िि, ओह हर , हर पसु-धन बढअऊ हर इयां फसल बहुंउननति करही।

12 यहउदमन अकअऊ समय हर इयां िपठअऊ हर जमआसी। मन बहुंि मनखमन उधू, पर मन उधनइपडी। 13 यहमन ुंनइं, पर ठहिी। यदि मन यहअपन परमसर ऊपर िू, आज ेंमन वत अऊ िओमन लन करहू, मन हमसबलऊपर रहिू, कभनइरहिू। 14 जऊन तमन आज ेंमन वत , ओमएती-ओतझन वव; वनआनवतमन झन चलव अऊ ओमन करव

नइसर

15 पर, यदि मन यहहर परमसर नइनव अऊ िओकर जमअऊ ििमन लन नइकरव, आज ेंमन वत , जमसरहर ऊपर पडअऊ हर ऊपर लगरहिी:

16 मन अपन सहर अऊ अपन त-खसरिू।

17 हर कनअऊ हर ुंबरतन सरिी।

18 हर सरिी, अऊ हर इयां फसल, अऊ हर गरा-बईलअऊ ़-बकरमन सरिीं।

19 मन सरिू, जब मन तर आहअऊ सरिू, जब मन िू।

20 यहिगकमन जऊन करहू, ओकर रन मन जऊन करहू, यहमन हर सरी, डरवअऊ दबकरही, जब तक ि मन नइअऊ खतम नइू। 21 यहमन तब तक महनही, जब तक ि मन खतम नइवव, कर ऊपर मन अधिकरबर वत हव22 यहहर ऊपर जर अऊ जलन, लसइयगरमअऊ अक, अऊ नही, अऊ मन हर ऊपर तब तक रहिीं, जब तक ि मन नइू। 23 हर ऊपर अकांअऊ हर इयां ी। 24 यहहर बदलअऊ िकरही; अकतब तक िरही, जब तक ि मन नइू।

25 यहमन हर बईरमन हरवी। मन ओमन ऊपर एक िआहू, पर िगहू, अऊ मन धरतऊपर जममनखमन बर िकरबन ू। 26 हर समन जमिरई अऊ गलपसमन वन बन ीं, अऊ उहां ओमन भगनइी। 27 यहमन िसर सहीं ़ा, अऊ िलठी, पकअऊ जली, मन मन गई नइिलही। 28 यहमन गल अऊ धरकर अऊ हर घबरी। 29 अऊ जइसधरमनखिटमडे, वइसमन िन-दपहरटमडिरहू। मन हर म-बसफलतनइिलही; हमहर ऊपर अतिअऊ मन ू, अऊ मन बचइयनइी।

30 हर सगईलगन ी, पर आनमनखओलओकर करम करही। मन घर बनू, पर ओमरह नइसकहू। मन लगू, पर ओकर फर आननइउठसकहू। 31 हर बईलहर आघी, पर मन ओमबर नइिलही। हर गदहहर िी, अऊ मन ओह नइिलही। हर मन हर बईरमन िीं, अऊ ओमन बचइयनइी। 32 हर अऊ मन आनमनखमन िीं, अऊ ओमन डहखत-दखत मन पथरीं, अऊ मन नइकर सकहू। 33 हर ऊपज अऊ हर कमई मनखमन ीं, मन मन नइनव, अऊ िनगभर हर ऊपर कठअतिअलहर अऊ बननइवय34 हर आघअइसन जमन ीं, खकमन पगलू। 35 यहहर ़ी अऊ मन भर ी, जऊन नइवय अऊ वमन हर तक भरीं।

36 यहमन अऊ हर ठहिएक अइसनि मनखमन करभगी, मन नथव, अऊ हर रखमन कभिउहां मन लकड़ी अऊ पथरवतमन ा-उपसनकरहू। 37 िां यहमन भगी, उहां मन जममनखमन भय, कहवत अऊ िसय बन ू।

38 मन बहुंअकन ू, पर रकन फसल ू, बरकि ांमन ओलीं। 39 मन लगओमकरहू, पर मन ओमसकहअऊ ओमइकटकर सकहू, बरकि मन ओमन ीं। 40 हर खमन ीं, पर मन ओमन बउरनइसकहू, बरकि फरमन झरकिीं। 41 हर अऊ मन ीं, पर मन ओमन रख नइसकहू, बरकि ओमन वई चल ीं। 42 हर जमअऊ हर फसल ांमन ुंी।

43 जऊन परदमन हर रहिें, ओमन हर बढीं, पर मन घटत अऊ घटत ू। 44 ओमन मन उधीं, पर मन ओमन उधनइसकहू। ओमन ़ी ीं अऊ मन ुंी।

45 जमसरहर ऊपर लगही। ओमन हर पड़े रहिीं अऊ मन पकडीं, जब तक ि मन नइू, बरकि मन यहअपन परमसर नइअऊ अऊ ििमन लन नइकर, ओह मन िि46 ओमन हर अऊ हर नमन बर हमबर एक िनहां अऊ अदीं। 47 बरकि मन अपन उननति यहअपन परमसर अऊ आननइकर, 48 एकरसि अऊ , गई अऊ भयकर गर, मन बईरमन करहू, मन यहहर िपठी। ओह हर ें़ा तब तक रखही,28:48 बहुंत अतियाचार करही जब तक ि ओह मन नइकर ी।

49 यहहर िबहुंिे, धरते, सहीं झपटनएक अइसन ि नही, कर मन नइसमझहू; 50 मन एक भयनक ि मनखीं, मन मन िनमन बर आदर ी, लइकमन बर िसम दया। 51 ओमन हर पसमन अऊ हर फसल तब तक रहिीं, जब तक ि मन नइववओमन हर बर अनअऊ नवां अऊ ोंीं, अऊ हर य-बईल़-बकरबछऱा-ोंीं, कर मन ू। 52 ओमन हर जमसहरमन तब तक रहिीं, जब तक ि गढरमन िनइीं, मन ऊपर मन भरकरथवओमन जमसहर ीं, मन यहहर परमसर मन वत े।

53 ा, जऊन ख-तकलहर बईरमन मन ीं, ओकर रन मन अपन जनमा-मन ांू, मन यहहर परमसर मन हवय54 अऊ अऊ, हर सबलदयअऊ नममनखघलअपन अपन मयघरवअपन ांलइकमन ऊपर दयनइकरही, 55 अऊ ओह अपन लइकमन ांनइी, ओह वत ी। हर जमसहरमन ा, हर बईरमन मन जऊन ख-तकलीं, ओकर रन ििांओकर करांरहिी। 56 हर सबलदयअऊ नमईलगनअतदयअऊ नमि ओह अपन ांइयां िमत घलनइकरय, पर ओह घलअपन मयघरवअऊ अपन गरभ जनमा-57 अऊ अपन गरभ धरलइकमन ऊपर दयनइी। हर सहरमन ा, हर बईरमन मन जऊन ख-तकलीं, ओकर रन ओह अपन लइकमन ांप-छपकलसकरही।

58 यदि मन जमिनइनहू, जऊन ििहवय, अऊ महअऊ अदांयहहर परमसरआदर नइकरहू, 59 यहहर अऊ हर नमन ऊपर भयकर मही, कठअऊ लमसमय तक रहनिपति अऊ बहुंसमय तक रहननही। 60 ओह मन ऊपर िसर जमआही, मन मन डरत रह, अऊ मन मन नइोंीं। 61 यहहर ऊपर जमिसम अऊ िपति घलनही, मन बरनन िनइकरहवय, ि मन वव62 मन िबहुंकम ी, जबकि एक समय हर िअकमन सहीं अनगिनत िि; सब कर रन ी, बरकि मन यहअपन परमसर नइ63 जइसि यहहर उननति करकअऊ हर िबढ़ाििि, वइसमन करकअऊ िओलिलही। मन ििी, कर ऊपर मन अधिकरबर वत हव

64 तब यहमन धरतएक आनतक जमि मनखमन ििर-बििकर ी। उहां मन आनवतमन अरधनकरहू—लकड़ी अऊ पथरवतमन, मन मन अऊ हर रखमन कभि65 िमन मन बर अपन ांधरबर जगह नइिलही। उहां यहमन एक िंिमन, लसकरत थकअऊ एक ििरदय ी। 66 मन लगअसमजस िि , िअऊ डर भररहिू, अऊ मन अपन िनगकभभरनइी। 67 जऊन आतहर मन भरअऊ जऊन जमन हर खही, ओकर रन मन िहनिां कहिू, "ांि!" अऊ ांकहिू, "िहनिां ि!" 68 यहमन जहबईठििसर पठी, कर ेंकहरहेंमन कभनइखहू। उहां मन अपनआप ि हर बईरमन मन नर अऊ ि, पर मन नइिीं।

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