20 पर कोनो अगमजानी, जऊन ह मोर नांव म अपन मन के बात कहिथे, जेकर हुकूम मेंह नइं दे हंव, या कोनो अगमजानी, जऊन ह आने देवता के नांव म गोठियाथे, त ओह मार डारे जावय।"
21 तुमन अपनआप ले कह सकत हव, "हमन कइसे जानबो कि ओ संदेस ला यहोवा ह नइं दे हवय?" 22 जब कोनो अगमजानी ह यहोवा के नांव म कोनो बात के घोसना करथे अऊ ओ बात ह ओकर घोसना के मुताबिक नइं होवय या ओ बात ह सच साबित नइं होवय, त फेर ओ संदेस ला यहोवा ह नइं दे हवय। ओ अगमजानी ह अपन मन से ओ बात ला कहे हवय, एकरसेति तुमन झन डरहू।