यहोवा कोति लहुंटे के बाद उन्नति
1 जब ये जम्मो आसीस अऊ सराप तुम्हर ऊपर आवंय, जेमन के चरचा मेंह तुम्हर आघू म करे हवंव, अऊ तुमन येमन ला ओ जातिमन के बीच म रहिके सुरता करव, जिहां यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला बगरा दीही, 2 अऊ जब तुमन अऊ तुम्हर लइकामन यहोवा तुम्हर परमेसर करा लहुंटव अऊ अपन पूरा मन अऊ अपन पूरा परान से ओ जम्मो बात के पालन करव, जेकर हुकूम मेंह आज तुमन ला देवत हंव, 3 तब यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला पहिले सहीं कर दीही30:3 या बंधुवई ले वापिस ले आही अऊ तुम्हर ऊपर दया करही अऊ तुमन ला ओ जम्मो जाति के मनखेमन के बीच ले इकट्ठा करही, जिहां ओह तुमन ला तितिर-बितिर कर दे रिहिस। 4 अऊ त अऊ यदि तुमन धरती के बहुंत दूरिहा देस म घलो पड़े होहू, त उहां ले घलो यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला इकट्ठा करही अऊ वापिस ले आही। 5 ओह तुमन ला ओ देस म ले आही, जऊन ह तुम्हर पुरखामन के रिहिस, अऊ तुमन ओकर ऊपर अधिकार कर लूहू। ओह तुमन ला तुम्हर पुरखामन ले घलो जादा सम्पन्न करही अऊ तुम्हर संखिया ला ओमन ले जादा बढ़ाही। 6 यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुम्हर अऊ तुम्हर संतानमन के हिरदय30:6 या मन के खतना करही, ताकि तुमन ओकर ले अपन पूरा हिरदय अऊ अपन पूरा परान ले मया करव अऊ जीयत रहव।