16 कबरक मह आज तमन ल हकम दवत हव क तमन यहव अपन परमसर ल मय करव, ओकर बत म चलव, अऊ ओकर हकम, बध अऊ कननमन क पलन करव; तब तमन जयत रहह अऊ गनत म बढह, अऊ यहव तमहर परमसर ह तमन ल ओ दस म आसस दह, जकर ऊपर अधकर कर बर तमन जवत हव।
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16 कबरक मह आज तमन ल हकम दवत हव क तमन यहव अपन परमसर ल मय करव, ओकर बत म चलव, अऊ ओकर हकम, बध अऊ कननमन क पलन करव; तब तमन जयत रहह अऊ गनत म बढह, अऊ यहव तमहर परमसर ह तमन ल ओ दस म आसस दह, जकर ऊपर अधकर कर बर तमन जवत हव।