6 यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुम्हर अऊ तुम्हर संतानमन के हिरदय30:6 या मन के खतना करही, ताकि तुमन ओकर ले अपन पूरा हिरदय अऊ अपन पूरा परान ले मया करव अऊ जीयत रहव।
जिनगी या मिरतू के प्रस्ताव
11 देखव, मेंह आज तुमन ला जऊन हुकूम देवत हंव, ओह तुम्हर बर जादा कठिन नो हय अऊ न ही तुम्हर पहुंच के बाहिर अय। 12 येह ऊपर अकास म नइं ए कि तुमन ला ये कहना पड़य, "कोन ह अकास ऊपर जाके येला लानही अऊ हमन ला पढ़के सुनाही कि हमन येकर पालन करन?" 13 न ही येह समुंदर के ओ पार हवय कि तुमन ला ये कहना पड़य, "कोन ह समुंदर के ओ पार जाके येला लानही अऊ हमन ला पढ़के सुनाही कि हमन येकर पालन करन?" 14 नइं, ये बचन ह तुम्हर बहुंत लकठा म हवय; येह तुम्हर मुहूं म अऊ तुम्हर मन म हवय कि तुमन येकर पालन करव।