16 ओमन पराय देवतामन ला मानके ओला जलन रखनेवाला बना दीन
अऊ अपन घिनौना मूरतीमन के दुवारा ओला रिस देवाईन।
17 ओमन झूठ-मूठ के देवतामन ला बलिदान चघाईन, जेमन परमेसर नो हंय;
ओ देवतामन, जेमन ला ओमन नइं जानत रिहिन,
ओ देवतामन, जेमन कुछू समय पहिले परगट होय रिहिन,
ओ देवतामन, जेमन के भय तुम्हर पुरखामन म नइं रिहिस।
18 तुमन ओ चट्टान ला छोंड़ देव, जऊन ह तुमन ला पालिस-पोसिस;
तुमन ओ परमेसर ला भुला गेव, जऊन ह तुमन ला पईदा करिस।