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Deuteronômio 5

दस

1 जमइसरयल बलकहि:

इसरयल, जऊन िि अऊ ेंआज हर आघबत, ओमन नवओमन खव अऊ िओमन लन करव2 यहहमर परमसर पहहमर एक करकरि3 करहय, यहहमर रखमन करि, पर करहमर , हमर जमझन करि, मन आज इहां हव4 यहपहऊपर आगहर आमने-मनिईस5 (समय, ेंयहबचन बतबर यहअऊ हर ों, बरकि मन आगडरकपहऊपर नइ)

अऊ यहकहि:

6 "ें यहहर परमसर , जऊन मन िसर ि िि

7 "मन ोंअऊ ईसवर करकझन नहू।

8 मन अपन बर िसम रतझन बनू, ऊपर अके, धरतअऊ े। 9 मन ओमन डवत करहअऊ ओमन अरधनकरहू; बरकि ें यहहर परमसर जलन रखइयपरमसर अऊ जऊन मन िकरथें, ओमन ेंओमन लइकमन सरअऊ ़ी तक , 10 पर जऊन मन मयकरथें अऊ ममन नथें, ओमन हज़ी तक ेंअपन मय

11 मन यहअपन परमसर ांमतलब झन ू, बरकि जऊन यहांरपयकरही, ओलओह ठहिी।

12 मन िसरिपबितर नव, जइसि यहहर परमसर मन हवय13 हपिमन हनत करव अऊ अपन जमकरव, 14 पर तवां ियहहर परमसर बर िसरििमन झन करहू, मन, हर मन, हर वक िमन, हर बईला, हर गदहहर पसमन, अऊ हर नगर रहइयपरदी, ि हर सहीं हर वक अऊ िमन घलिसरकर15 रतरखव ि मन िसर रहअऊ यहहर परमसर मन उहां अपन सकिांअऊ बढ़ाििएकरसि यहहर परमसर मन िसरिहवय

16 अपन ई-ददआदरमकरव, जइसि यहहर परमसर मन हवय, ि मन बहुंतक यव अऊ हर भलई वय, यहहर परमसर मन वत े।

17 मन मनखहतिझन करहू।

18 मन िझन करहू।

19 मन झन करहू।

20 मन अपन परिलबगवझन ू।

21 मन अपन परघरवलच झन करहू। मन अपन परघर इयां लच झन करहू, ओकर वक िा, ओकर बईला, गदहा, ओकर अऊ लच करहू।"

22 मन , यहअवआगी, दर अऊ िउहां पहऊपर हर जमसभईस; अऊ ओह अऊ नइ़ितब ओह मन ठन पथरपटििखक5:22 देखव निर 20:1-17

23 जब मन िअवअऊ पहआगबरत िि, हर रमन जमअगअऊ हर िमन करआईन24 अऊ मन कह, "यहहमर परमसर हमन अपन महिअऊ रव हवय, अऊ हमन आगओकर अवहनआज हमन ेंि यदि परमसर मनखिे, तभमनखयत रह सकथे।5:24 निर 19:19 25 पर अब, हमन बर मरन? भयकर आगहमन भसम कर ी, अऊ यदि हमन यहहमर परमसर अवनबो, हमन मर ो। 26 बरकि कभमरनहमनखपरमसर आगिवत ओकर अवनकयत हवय, जइसि हमन यत हन? 27 एकरसि ें लकठअऊ जम, यहहमर परमसर कहत े। तब जऊन यहहमर परमसर बते, हमन बता। हमन नबअऊ ओकर लन करबो।"

28 यहहर ि, जब मन िवत रह, अऊ तब यहकहि, "मनखमन जऊन कहि, ेंओलेंजऊन ओमन कहि, ओह बन29 बनि ओमन मन अइसनरहय अऊ ओमन रतभय अऊ हमजम, ि ओमन अऊ ओमन लइकमन हमभलई वय!

30 "ा, अऊ ओमन कह ि ओमन अपन तमलहुं31 पर ें इहां , ि ेंजम, िि अऊ बतसक, ेंओमन िि ओमन कर लन कर, ेंओमन अधिवत "

32 एकरसि सचममन करव, कर यहहर परमसर मन हवय; कर वनअऊ ी। 33 जमलन करत चलव, कर यहहर परमसर मन हवय, ि मन यत रहव अऊ हर उननति वय अऊ मन बहुंसमय तक बनरहव, मन अपन अधिकरहू।

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